पैसा छुपाना सीखो, दिखाना नहीं | Warren Buffett का अमीर बनने का असली राज क्या हैं|
कभी गौर किया है?
जो लोग सच में अमीर होते हैं, वह अपने पैसों का कभी शोर नहीं मचाते है । ना महंगी गाड़ियां दिखाते हैं ना सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी लाइफ डालते हैं। लेकिन जो हमेशा मैं यह खरीद लिया वह कर लिया कहते हैं। असल में वही लोग सबसे ज्यादा फाइनेंशियली कमजोर होते हैं। वारेन बफेट ने कहा था। जो पैसा दिखता है वह खत्म हो जाता है। जो पैसा छुपा होता है ,वही बढ़ता है। इस लेखनी में हम सीखेंगे बफेट का वह गुप्त नियम जो कहता है। पैसा छुपाना सीखो दिखाना नहीं क्योंकि चुप रहने वाले लोग ही असली में अमीर बनते हैं।
दिखावे की सच्चाई। आज के जमाने में लोग अमीर दिखने के लिए गरीब बन रहे हैं। नए मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े और ईएमआई पर गाड़ियां सब कुछ इसलिए ताकि लोग कहें वाह क्या लाइफ है इसकी
लेकिन असल सच्चाई यह है जो लोग दिखावे में जीते हैं वह फाइनेंशियल कमजोर रहते हैं। या फंसे रहते हैं। वारेन बफेट कहते हैं अगर तुम वह चीजें खरीदते हो जिनकी तुम्हें जरूरत नहीं तो जल्द ही तुम्हें वह चीजें बेचनी पड़ेंगी।। लेकिन जिनकी तुम्हें जरूरत है। यानी दिखावे का खेल छोटा है। लेकिन इसका नुकसान बहुत बड़ा। जो के आने वाले समय के लिए बहुत बड़ा नुकसान दायक बनता है।।
क्योंकि दिखावा आपकी पॉकेट नहीं आपकी फ्यूचर को खाली कर देता है।
पैसा छुपाना क्यों जरूरी है?
वारेन बफेट कहते हैं द मोर यू लर्न टू स्टे क्वाइट द मोर योर मनी ग्रोस साइलेंटली(The More You Learn To Stay Quiet The More Your Money Grows Silently) अब सोचिए जब भी कोई इंसान अमीर बनता है तो सबसे पहले दुनिया उसके पैसों पर नजर डालती है ना कि उसकी मेहनत पर। लोग पूछेंगे कितना कमा लिया?
कहां से आया? अब तो बड़ा आदमी बन गया है तू। यही वह पल है जहां ज्यादातर लोग गलती कर बैठते हैं। वह बोल देते हैं, दिखा देते हैं और धीरे-धीरे उनका पैसा प्लान बनना छोड़कर प्रेशर बन जाता है। पैसा तभी बढ़ता है जब वह शोर नहीं करता क्योंकि पैसा शोर से नहीं सोच से बढ़ता है। जो लोग चुप रहते हैं, वह अपनी एनर्जी बचाते हैं। वह अपने प्लान को सेफ रखते हैं और वह साइलेंटली अपना एंपायर बना लेते हैं। इसीलिए बफेट का रूल साफ है। ग्रो योर मनी इन साइलेंस। लेट योर सक्सेस मेक द नॉइज।
सेव, इन्वेस्ट, ग्रो। वारेन बफेट की जिंदगी का सबसे बड़ा रूल यही था। डोंट जस्ट सेव मनी, मेक योर मनी वर्क फॉर यू। देखो, गरीब आदमी पैसा बचाने में ही फंसा रहता है। वो सोचता है, जितना बचाऊंगा, उतना अमीर बनूंगा। लेकिन बफेट ने इस सोच को उल्टा कर दिया। उन्होंने कहा सेविंग इज जस्ट द बिगिनिंग। इन्वेस्टिंग इज द रियल गेम। यानी पहला कदम है सेव। दूसरा कदम इन्वेस्ट। तीसरा और सबसे जरूरी ग्रो। पैसे को अपनी जेब में मत सुलाओ। उसे काम पर लगाओ। जैसे कोई कर्मचारी जो 24 घंटे तुम्हारे लिए काम कर रहा हो। बफेट अपने हर डॉलर को एक सोल्जर मानते थे जो बाहर जाकर उनके लिए और डॉलर पकड़ कर लाता था। और यही फर्क है। एक आम इंसान और एक अमीर इंसान की सोच में आम इंसान पैसा बचाता है। अमीर इंसान पैसा बढ़ाता है। योर मनी शुड अर्न व्हाइल यू स्लीप। दैट्स द की टू ट्रू फ्रीडम। पार्ट फोर रियल एग्जांपल। वारेन बफेट का एक रियल उदाहरण सुनो। उन्होंने सिर्फ 100 से अपनी पहली इन्वेस्टमेंट शुरू की थी। हां सिर्फ $ उन्होंने उस वक्त एक छोटी सी कंपनी के शेयर खरीदे। लोग हंसे बोले इतने कम पैसों में क्या बनेगा? लेकिन बफेट ने जवाब दिया मैं पैसे नहीं खरीद रहा। मैं बिजनेस खरीद रहा हूं। वो कंपनी धीरे-धीरे बढ़ी और कुछ सालों में उनका वह 100 बन गया 10,000। अब सोचो अगर वह पैसे बैंक में रख देते तो शायद कुछ डॉलर ही बढ़ते। लेकिन उन्होंने उस पैसे को सोच के साथ घुमाया और वही सोच उन्हें करोड़पति बना गई। यही है फर्क। लोग पैसे जमा करते हैं। बफेट ने पैसे को काम पर लगा दिया। लेसन अगर तुम्हारे पैसे दिन रात तुम्हारे लिए काम नहीं कर रहे तो तुम अब भी मेहनत में फंसे हो। अमीरी की दौड़ में नहीं। पाठ पांच तुम्हारे लिए सबक। अब सवाल यह है तुम इस कहानी से क्या सीख सकते हो? पहला सबक पैसे को दिखाने से ज्यादा उसे बढ़ाने पर ध्यान दो। लोग नए फोन, गाड़ी या ब्रांडेड कपड़ों में पैसा उड़ाते हैं। लेकिन बफेट जैसे लोग वही पैसा इन्वेस्ट करके अपनी फ्रीडम खरीदते हैं। दूसरा सबक हर रुपया एक बीज है। अगर तुम उसे जमीन यानी इन्वेस्टमेंट में बो दोगे तो वह पेड़ बनकर 100 गुना लौटेगा। लेकिन अगर तुम उसे दिखावे में जला दोगे तो वह हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। तीसरा सबक अमीर वह नहीं होते जिनके पास ज्यादा पैसा है। अमीर वह होते हैं जिनके पैसे उनके लिए काम करते हैं। तो अगली बार जब तुम्हारे पास पैसे हो सोचो क्या मैं इसे खर्च कर रहा हूं या बढ़ा रहा हूं। क्योंकि याद रखो पैसा बोलता नहीं लेकिन जो चुपचाप सोचते हैं वही उसे सुन पाते हैं। यही वारेन बफेट का असली सीक्रेट है। पैसा बोलने वालों से नहीं सोचने वालों से प्यार करता है। अब तक तुमने एक बहुत गहरी सच्चाई समझ ली है। पैसा दिखाने से नहीं संभालने से बढ़ता है। वारेन बफेट कभी दुनिया के सामने अपनी अमीरी का ढिंढोरा नहीं पीटते। क्योंकि वह जानते हैं जो लोग अपने पैसों की आवाज दुनिया को सुनाते हैं, वह खुद अपनी चुप्पी की कीमत चुकाते हैं। सोचो जरा तुम्हें क्या चाहिए लोगों की तालियां या अपनी आजादी? लोगों की वाहवाही या अपने पैसों की ताकत। अगर तुम सच्चे मायने में अमीर बनना चाहते हो, तो अपने पैसे को अपनी शोभा मत बनाओ। उसे अपनी शक्ति बनाओ। हर महीने थोड़ा-थोड़ा इन्वेस्ट करो। हर दिन अपने दिमाग को तेज बनाओ और हर बार खर्च करने से पहले खुद से एक सवाल पूछो। क्या यह मुझे अमीर बना रहा है या गरीब? याद रखो पैसा भागता है उन लोगों से जो उसे दिखाते हैं और लौटता है उन लोगों के पास जो उसे समझते हैं। तो अब वक्त है चुपचाप मेहनत करने का। सोच समझकर इन्वेस्ट करने का और वक्त आने पर दुनिया को जवाब देने का। अपनी सक्सेस से, अपनी चुप्पी से नहीं शो ऑफ मत करो, ग्रो ऑफ करो। वारेन बफेट ने कहा था, अमीरी शोर से नहीं, सोच से बनती है। और जिस दिन तुम यह समझ गए, पैसा खुद चलकर तुम्हारे पास आएगा।।
निष्कर्ष (Conclusion)
आपको यह आर्टिकल इन्फोर्मटिव लगा होगा। अपने सवाल या सुझाव को निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे। अगर पोस्ट में कोई कमी लगे तो जरूर बताएं। हमारे इस वेबसाइट को फॉलो करें। आमिर हर कोई बनना चाहता है पर पैसा हर आदमी नहीं बचा पाता है!!

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